आवेशित चालक का पृष्ठ समविभव पृष्ठ होता है।
एक बिन्दु आवेश q को समविभव पृष्ठ पर दो बिन्दुओं के बीच चलाने में किया गया कार्य कितना होता है?
एक बिन्दु आवेश q को समविभव पृष्ठ पर दो बिन्दुओं के बीच चलाने में किया गया कार्य शून्य होता है।
किस कारण समविभव पृष्ठ बेलनाकार होता है?
रेखीय आवेश के कारण समविभव पृष्ठ कैसा होता है?
रेखीय आवेश के कारण समविभव पृष्ठ बेलनाकार होता है।
विलगित बिन्दु आवेश के कारण समविभव पृष्ठ कैसा होता है?
विलगित बिन्दु आवेश के कारण समविभव पृष्ठ गोलीय होता है।
समविभव पृष्ठ किसी वैद्युत क्षेत्र में स्थित वह पृष्ठ है, जिसके प्रत्येक बिन्दु पर वैद्युत विभव का मान समान होता है।
समविभव पृष्ठ के प्रत्येक बिन्दु पर वैद्युत विभव का मान कैसा होता है?
समविभव पृष्ठ के प्रत्येक बिन्दु पर वैद्युत विभव का मान समान होता है।
समविभव पृष्ठ कैसा होता है?
समविभव पृष्ठ तलीय एवं ठोस होता है।
समविभव पृष्ठ पर किन्हीं दो बिन्दुओं के बीच विभवान्तर का मान कितना होता है?
समविभव पृष्ठ पर किन्हीं दो बिन्दुओं के बीच विभवान्तर का मान शून्य होता है।
समान वैद्युत क्षेत्र में समविभव पृष्ठ कैसा होता है?
समान वैद्युत क्षेत्र में समविभव पृष्ठ तलीय होता है।